TET और HTET को लेकर शिक्षकों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। पहले केंद्र सरकार ने लोकसभा में साफ किया था कि शिक्षक बनने के लिए TET पास करना जरूरी है, वहीं अब राज्य स्तर पर भी समयसीमा तय कर दी गई है। हरियाणा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय के भीतर HTET पास करना अनिवार्य होगा, नहीं तो सेवा पर असर पड़ सकता है। ऐसे में जिन शिक्षकों ने अभी तक परीक्षा पास नहीं की है, उनके लिए यह समय बेहद अहम माना जा रहा है।
केंद्र सरकार ने TET को बताया अनिवार्य योग्यता
शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में दिए लिखित जवाब में कहा था कि कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने के लिए TET पास करना जरूरी है और यह नियम पूरे देश में लागू है। मंत्रालय के अनुसार आरटीई कानून 2009 के तहत न्यूनतम योग्यता में TET शामिल किया गया है, जिससे स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए बताया गया था कि कुछ पुराने शिक्षकों को तय समय के भीतर TET पास करने का अवसर दिया गया था, लेकिन बिना TET पास किए पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा, जिससे अब भी कई शिक्षकों पर परीक्षा पास करने का दबाव बना हुआ है।
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राज्य स्तर पर HTET की नई डेडलाइन तय
हरियाणा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अनुभव के आधार पर नियुक्त PRT शिक्षकों के लिए HTET पास करने की अंतिम समयसीमा तय कर दी है। पहले शिक्षकों को परीक्षा पास करने के लिए सीमित समय दिया गया था, बाद में नियुक्ति के दौरान यह शर्त भी जोड़ी गई कि भविष्य में HTET पास करना अनिवार्य रहेगा। अब नए फैसले के अनुसार जिन शिक्षकों ने अभी तक HTET पास नहीं किया है, उन्हें मार्च 2027 तक परीक्षा पास करने का अंतिम मौका दिया गया है, जिससे सभी संबंधित शिक्षकों को साफ समयसीमा मिल गई है और उसी के अनुसार तैयारी करनी होगी।
तय समय तक पास नहीं किया तो सेवा पर असर
विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन शिक्षकों ने मार्च 2027 तक HTET पास नहीं किया, उनकी सेवाएं बिना किसी अतिरिक्त सूचना के समाप्त की जा सकती हैं। यानी अब यह अंतिम अवसर माना जा रहा है और समय रहते परीक्षा पास करना जरूरी होगा। वहीं इस फैसले की जानकारी सभी जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है, जिससे इसे संबंधित शिक्षकों तक पहुंचाया जा सके। फिलहाल विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय के बाद किसी तरह की अतिरिक्त राहत नहीं दी जाएगी और सभी को निर्धारित अवधि के भीतर ही जरूरी शर्त पूरी करनी होगी।
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पुराने नियमों के आधार पर आगे बढ़ा फैसला
निदेशालय की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि यह फैसला पहले जारी निर्देशों के क्रम में ही लिया गया है। पहले शिक्षकों के लिए निश्चित समय तक HTET पास करना जरूरी रखा गया था, बाद में नियुक्ति के दौरान भी यह शर्त जोड़ी गई थी कि भविष्य में परीक्षा पास करना अनिवार्य रहेगा। अब उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए मार्च 2027 तक की नई समयसीमा तय कर दी गई है, जिससे जिन शिक्षकों ने अभी तक परीक्षा पास नहीं की है उन्हें एक आखिरी अवसर मिल गया है और अब सभी को इसी तय समय के भीतर परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा, तभी सेवा सुरक्षित रह सकेगी।
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