UP Shiksha Mitra Salary Hike Update:यूपी विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में काम कर रहे शिक्षामित्र, अनुदेशक, आशा और आंगनबाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी। लंबे समय से इन चारों वर्गों की मांग चल रही थी, जिस पर अब सरकार ने कदम बढ़ाया है। इसके साथ ही निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाने तथा शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की बात भी सामने आई है, जिससे लाखों परिवारों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
शिक्षामित्र के मानदेय पर बड़ा फैसला
प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र कार्यरत हैं और लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। आंकड़ों के मुताबिक यूपी में करीब 1.47 लाख शिक्षामित्र काम कर रहे हैं, जिनका मानदेय पिछली बढ़ोतरी के बाद से नहीं बढ़ा था। पहले सरकार ने उनका मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये महीना किया था, लेकिन उसके बाद कोई बदलाव नहीं हुआ। अब सरकार करीब नौ साल बाद फिर से मानदेय बढ़ाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार शिक्षामित्रों के मानदेय में लगभग दो हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है और लंबे समय से चली आ रही मांग पर सरकार ने कदम बढ़ाया है।
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अनुदेशकों के लिए भी राहत की तैयारी
प्रदेश में 28 हजार से अधिक अनुदेशक कार्यरत हैं और ये भी लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार ने संकेत दिया है कि अनुदेशकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की जाएगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में काम कर रहे इन कर्मचारियों को राहत मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक अनुदेशकों के मानदेय में भी लगभग दो हजार रुपये महीना तक बढ़ोतरी हो सकती है। बता दें कि कई साल से इनके मानदेय में कोई बदलाव नहीं हुआ था और सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों समय-समय पर इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। अब सरकार के इस फैसले से अनुदेशकों को भी आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
आशा कार्यकर्ताओं को बढ़ेगी प्रोत्साहन राशि
प्रदेश में करीब 1.70 लाख आशा कार्यकर्ता तैनात हैं और स्वास्थ्य सेवाओं की कड़ी के रूप में काम करती हैं। एक हजार की आबादी पर एक आशा कार्यकर्ता नियुक्त होती है और उन्हें गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक ले जाने, प्रसव कराने और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। फिलहाल यह राशि करीब 2500 से 3500 रुपये महीना तक रहती है। सरकार ने संकेत दिया है कि इस प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी, जिससे आशा कार्यकर्ताओं को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी और ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
आंगनबाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी
सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय में भी बढ़ोतरी करने की बात कही है। आंगनबाड़ी कर्मचारी बच्चों और महिलाओं से जुड़ी पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं और लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार ने कहा कि इन कर्मचारियों के योगदान को देखते हुए उनके मानदेय में भी सुधार किया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। इससे पोषण और महिला-बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है और आंगनबाड़ी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।
पेंशन और स्वास्थ्य सुविधा पर भी जोर
सरकार ने साफ किया कि सिर्फ मानदेय ही नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर भी काम किया जा रहा है। निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है, जिससे जरूरतमंद लोगों को नियमित आर्थिक सहायता मिल सके। वहीं शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिसे एक अप्रैल से पूरी तरह लागू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा और शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़े कर्मचारियों का मनोबल भी मजबूत होगा, फिलहाल सभी की नजर सरकार की अगली आधिकारिक घोषणा पर बनी हुई है।







