8th Pay Commission: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी प्रक्रिया अब तेज हो चुकी है। आयोग का गठन हो चुका है, सरकार ने इसकी कार्यप्रणाली को गति देने के लिए महत्वपूर्ण नियुक्ति की है, कर्मचारियों और पेंशनरों से सुझाव मांगे जा रहे हैं और सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, एरियर व लागू होने की संभावित तारीख को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। नई सैलरी कब लागू होगी और वास्तविक तौर पर कर्मचारियों के हाथ में कितना पैसा आएगा — यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।
8वें वेतन आयोग का गठन
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक संकल्प जारी करके 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया। यह आयोग 7वें वेतन आयोग के लगभग दस साल बाद बनाया गया है। इससे केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, रक्षा सेवाओं के कर्मी, ऑल इंडिया सर्विसेज अधिकारी और पेंशनभोगी सीधे प्रभावित होंगे। आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। इस आधार पर अनुमान है कि आयोग 2027 के मध्य तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है।
आयोग के काम में तेजी, नए डायरेक्टर की नियुक्ति
आयोग के काम को तेज करने के लिए सरकार ने भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) के 2009 बैच के वरिष्ठ अधिकारी कृष्णा वीआर को डायरेक्टर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के तहत केंद्रीय स्टाफिंग योजना के माध्यम से की गई है। इस कदम को आयोग की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कर्मचारियों और पेंशनरों से सुझाव
इस बार आयोग ने कर्मचारियों और पेंशनरों से सीधे सुझाव मांगे हैं। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट शुरू कर दी गई है और MyGov पोर्टल के जरिए सुझाव भेजे जा सकते हैं। इसमें बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन और वेतन विसंगतियों से जुड़े मुद्दों पर राय मांगी गई है। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 तय की गई है।
नई सैलरी कब लागू हो सकती है
सरकार के अनुसार आयोग को रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, इसलिए सिफारिशें 2027 के मध्य तक आ सकती हैं। हालांकि वेतन संशोधन को सैद्धांतिक रूप से 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है। यदि लागू होने में देरी होती है तो कर्मचारियों को 12 से 20 महीने तक का एरियर मिल सकता है। यानी नई सैलरी लागू होने तक पुरानी और नई सैलरी के अंतर की राशि एकमुश्त दी जा सकती है।
सैलरी संरचना के मुख्य घटक
- बेसिक सैलरी
- हाउस रेंट अलाउंस (HRA)
- ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA)
नई पे मैट्रिक्स लागू होने के बाद सबसे पहले बेसिक सैलरी में बदलाव होता है और उसी के आधार पर अन्य भत्ते भी बढ़ जाते हैं।
फिटमेंट फैक्टर और नई बेसिक सैलरी
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। विभिन्न आकलनों में यह 1.92 से लेकर लगभग 2.57 या उससे अधिक तक हो सकता है। अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।उदाहरण के तौर पर यदि मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है और फिटमेंट फैक्टर 1.92 लागू किया जाता है तो नई बेसिक सैलरी लगभग ₹34,560 तक पहुंच सकती है।
25 फरवरी को होने वाली है निर्णायक बैठक
अब सभी की निगाहें 25 फरवरी की तारीख पर टिकी हैं। FNPO के सदस्य शिवाजी वासिरेड्डी के अनुसार, इस दिन नेशनल काउंसिल जॉइंट मॉनिटरिंग कमेटी (NCJMC) की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगों को एक मंच पर लाना और एक संयुक्त फाइनल ड्राफ्ट तैयार करना है। यह ड्राफ्ट आगे 8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा, जिससे आयोग के सामने कर्मचारियों की मांगें औपचारिक रूप से रखी जा सकें।
माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद वेतन संशोधन की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है। यदि कर्मचारियों की प्रमुख मांगें ड्राफ्ट में शामिल होती हैं, तो आने वाले समय में सैलरी स्ट्रक्चर, फिटमेंट फैक्टर और भत्तों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। इस कारण यह बैठक केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है और इसके नतीजों पर सभी की नजर बनी हुई है।
कैलकुलेशन से समझिए सैलरी
मान लीजिए कि आप लेवल 5 पर कार्यरत हैं और 7वें वेतन आयोग के अनुसार आपका वर्तमान वेतन इस प्रकार है:
मूल वेतन: ₹29,200
महंगाई भत्ता (55%): ₹16,060
HRA (मेट्रो, 27%): ₹7,884
कुल वेतन: ₹53,144
अब यदि 8वें वेतन आयोग में 2.46 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो वेतन संरचना इस प्रकार बदल सकती है:
नया मूल वेतन: ₹29,200 × 2.46 = ₹71,832
महंगाई भत्ता: 0% (रीसेट)
HRA (मेट्रो, 27%): ₹19,394
कुल वेतन: ₹91,226
इस गणना से साफ होता है कि नया वेतन आयोग लागू होने पर शुरुआती चरण में महंगाई भत्ता शून्य से शुरू होने के कारण तुरंत बड़ी बढ़ोतरी दिखाई नहीं देती, लेकिन बेसिक सैलरी बढ़ने से कुल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। समय के साथ महंगाई भत्ता बढ़ने पर वास्तविक इन-हैंड सैलरी और अधिक बढ़ सकती है। वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद अलग-अलग पे लेवल के कर्मचारियों पर इसका प्रभाव अलग हो सकता है। फिटमेंट फैक्टर, भत्तों की दर और शहर की श्रेणी के आधार पर अंतिम सैलरी तय होगी। इसलिए कर्मचारियों को अंतिम निर्णय और आधिकारिक पे मैट्रिक्स जारी होने का इंतजार करना होगा।
7वें और 8वें वेतन आयोग में मूल वेतन तुलना (लेवल अनुसार)
| वेतनमान स्तर | 7वें वेतन आयोग में मूल वेतन (₹) | 8वें वेतन आयोग में मूल वेतन (₹) |
|---|---|---|
| लेवल 1 | 18,000 | 44,280 |
| लेवल 2 | 19,900 | 48,974 |
| लेवल 3 | 21,700 | 53,466 |
| लेवल 4 | 25,500 | 62,850 |
| लेवल 5 | 29,200 | 71,832 |
| लेवल 6 | 35,400 | 87,084 |
| लेवल 7 | 44,900 | 1,10,554 |
| लेवल 8 | 47,600 | 1,17,177 |
| लेवल 9 | 53,100 | 1,30,386 |
| लेवल 10 | 56,100 | 1,37,826 |
| लेवल 11 | 67,700 | 1,66,452 |
| लेवल 12 | 78,800 | 1,93,728 |
| लेवल 13 | 1,23,100 | 3,02,226 |
| लेवल 13A | 1,31,100 | 3,22,506 |
| लेवल 14 | 1,44,200 | 3,54,172 |
| लेवल 15 | 1,82,200 | 4,48,713 |
| लेवल 16 | 2,05,400 | 5,05,584 |
| लेवल 17 | 2,25,000 | 5,53,500 |
| लेवल 18 | 2,50,000 | 6,15,000 |
पूरा सैलरी गणित
वर्तमान न्यूनतम बेसिक (7वें वेतन आयोग के अनुसार) ₹18,000 है। यदि इसमें लगभग 60% महंगाई भत्ता जोड़ दिया जाए तो प्रभावी सैलरी लगभग ₹28,800 होती है। अब यदि 1.92 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए तो नई बेसिक सैलरी ₹34,560 बनती है। इस आधार पर तत्काल इन-हैंड बढ़ोतरी लगभग ₹5,760 के आसपास मानी जा रही है। यानी सैलरी में कुल वृद्धि दिखती है लेकिन शुरुआती हाथ में आने वाली रकम सीमित रह सकती है।
HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर असर
नई बेसिक सैलरी तय होने के बाद HRA जोड़ा जाता है, जो शहर के अनुसार मिलता है:
- मेट्रो शहर: 24%
- बड़े शहर: 16%
- छोटे शहर: 8%
उदाहरण के तौर पर यदि नई बेसिक सैलरी ₹92,000 के आसपास हो और कर्मचारी मेट्रो शहर में कार्यरत हो तो HRA लगभग ₹22,000 तक हो सकता है।
ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी पे लेवल और शहर के अनुसार तय होता है। लेवल-6 के कर्मचारियों को मेट्रो शहर में लगभग ₹3,600 ट्रांसपोर्ट अलाउंस मिलता है।
DA रीसेट नियम
नया वेतन आयोग लागू होते ही पुराना महंगाई भत्ता (DA) बेसिक में समाहित हो जाता है और DA फिर से शून्य से शुरू होता है। इसके बाद हर छह महीने में महंगाई दर के आधार पर DA बढ़ता है। वर्तमान में 58% महंगाई भत्ता मिल रहा है सूचकांक के आंकड़ों को देखा जाए तो इस बार दिसंबर के आंकड़े जारी हो चुके हैं और इस आधार पर महंगाई भत्ता 60% तक जनवरी से बढ़ोतरी हो सकती है और यह बढ़ोतरी आठवां वेतन आयोग लागू होने तक जारी रहेगी।
एरियर की स्थिति
यदि 8वां वेतन आयोग 2027 में लागू होता है लेकिन प्रभाव 2026 से माना जाता है तो कर्मचारियों को लगभग 12 से 20 महीने तक का एरियर मिल सकता है।
- लेवल-1: ₹3.6 लाख से ₹5.65 लाख
- लेवल-2: ₹3.98 लाख से ₹6.25 लाख
- लेवल-4: ₹5.10 लाख से ₹8.01 लाख
अलग-अलग पे लेवल पर संभावित टेक-होम
- लेवल-3: ₹65,000 – ₹68,000
- लेवल-6: ₹1 लाख से अधिक
- लेवल-10: ₹1.60 – ₹1.65 लाख
आर्थिक असर
8वें वेतन आयोग का असर लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 70 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। सैलरी बढ़ने से बाजार में मांग बढ़ सकती है और रियल एस्टेट, ऑटो तथा FMCG सेक्टर पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
आगे क्या होगा
अब आयोग कर्मचारियों और पेंशनरों से मिले सुझावों का विश्लेषण करेगा। इसके बाद फिटमेंट फैक्टर और वेतन संरचना पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। संभावना है कि आयोग 2027 तक अपनी रिपोर्ट दे देगा और सरकार की मंजूरी के बाद नई सैलरी लागू की जाएगी। इसके साथ ही DA फिर से बढ़ना शुरू होगा और कर्मचारियों को वास्तविक लाभ समय के साथ दिखाई देगा।
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